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Thursday, 29 August 2013

अपने हैंडसेट में कैसे एक्‍टीवेट करें 3जी

at 08:05

3जीसर्विस भारत में अब आम हो चुकी है, वहीं ज्‍यादातर ऑपरेटरों ने 3जी टैरिफ प्‍लान की कीमत भी काफी कम कर दी है। आपमें से कई लोग सोंच रहे होंगे जब 2जी में इंटनेट सर्फिंग हो जाती है तो 3जी की क्‍या जरूरत लेकिन 3जी के अपने फायदे हैं अगर आप फोन में नेट केवल सर्फिंग के लिए प्रयोग करते हैं तब तो 2जी से काम चल सकता है लेकिन अगर आप अपने स्‍मार्टफोन से पिक्‍चर और टिकट, रेलवे टिकट या फिर वीडियो कॉलिंग करते हैं तो आपको 3जी की जरूरत पड़ेगी क्‍योंकि 2जी की स्‍पीड में ये सभी काम करने में थोड़ी मुश्‍किलों का समाना करना पड़ सकता है। आप किसी भी सर्विस प्रोवाइडर का प्रयोग कर रहे हों 3जी सर्विस प्रयोग करने के लिए आपको सबसे पहले अपने सिम में 3जी सर्विस एक्‍टीवेट करनी होगी, 3जी सर्विस एक्‍टीवेट करने आपको अपने फोन से बस एक मैसेज करना होगा।

वोडाफोन 3जी मैसेज बॉक्‍स में लिखें: ACT3G इस नंबर पर भेजें: 111

एयरटेल 3जी मैसेज बॉक्‍स में लिखें: SMS 3G इस नंबर पर भेजें: 121

आईडिया 3 जी मैसेज बॉक्‍स में लिखें: ACT3G इस नंबर पर भेजें: 54777

एयरसेल 3जी मैसेज बॉक्‍स में लिखें: SMS START इस नंबर पर भेजें: 121

बीएसएनएल 3जी मैसेज बॉक्‍स में लिखें: SMS M3G इस नंबर पर भेजें: 53733

रिलायंस 3जी रिलायंस में 3जी एक्‍टीवेट करने के लिए कॉल करें 1800 100 3333
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Thursday, 2 May 2013

Opera 11

at 01:32

ओपेरा को ज्यादातर लोग मोबाइल ब्राउजर के तौर पर जानते हैं। वह ओपेरा मिनी वर्जन है। यूक्रेन में यह सबसे पॉप्युलर ब्राउजर है लेकिन भारत में यह इतना पॉप्युलर नहीं है। - ओपेरा को उसके क्लासी लुक और स्मार्ट फीचर की वजह से लोग पसंद करते हैं। इसे ज्यादा बैटरी खाने वाला ब्राउजर भी कहा जाता है। माइक्रोसॉफ्ट ने टॉप 5 ब्राउजर्स की बैटरी लाइफ का हाल ही में एक टेस्ट किया था, जिसमें आईई 9 और फायरफॉक्स 4 के मुकाबले ओपेरा की बैटरी लाइफ पर असर एक घंटे ज्यादा नेगेटिव था। - बाकी सभी ब्राउजर की तरह इसमें आपको टैब्ड ब्राउजिंग, पेज जूम, एंटी फिशिंग जैसे स्टैंडर्ड फीचर तो मिलते हीं है पेज हिस्ट्री भी क्रोम की तरह इसे खोलते ही नजर आती है। - फेवरिट पेज भी आप सेट कर सकते हैं जो आपको होम पेज पर नजर आएं, इसके लिए आप पसंदीदा वेबसाइट का यूआरएल टाइप करके उसे यहां सेट कर सकते हैं। - सिंक का फीचर आपको अपने मोबाइल के ओपेरा मिनी के साथ डेस्कटॉप पीसी वाली सेटिंग्स का इस्तेमाल करने में मदद करता है। इसके लिए ओपेरा अकाउंट खोलकर आप सेटिंग्स फिक्स कर सकते हैं। - स्पीड के मामले में हमें इसकी परफॉर्मेंस ठीक-ठाक लगी, फायरफॉक्स इसके मुकाबले कहीं ज्यादा तेज और क्लीन लगा। इसके अलावा पर्सनलाइजेशन में भी कुछ क्रोम और फायरफॉक्स वाला दम नजर नहीं आया।
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फ्लैश मेमरी

at 01:30

फोटो डिजिटल, गाने डिजिटल, विडियो डिजिटल.. जब सब कुछ डिजिटल हो जाए तो मेमरी डिजिटल क्यों न हो? अपने रोजाना के यूज में हमें अब ज्यादा-से-ज्यादा डेटा स्टोर करने और साथ लेकर चलने की जरूरत महसूस होने लगी है। डिजिटल मेमरी को साथ लेकर चलने के दो तरीके हो सकते हैं - एक तो एक्सटर्नल हार्ड डिस्क और दूसरी फ्लैश मेमरी, जिसमें पेन ड्राइव, मेमरी कार्ड और सॉलिड स्टेट ड्राइव (एसएसडी) जैसे ऑप्शन आते हैं। पिछली बार हमने आपको एक्सटर्नल डिस्क के बारे में बताया था। इस बार फ्लैश मेमरी के बारे में जानकारी दे रहें हैं क्या है फ्लैश मेमरी फ्लैश मेमरी स्टोरेज का वह ऑप्शन है जिसमें आप एक चिप में बिना पावर यूज किए डेटा स्टोर कर सकते हैं, इसे डिलीट और फिर स्टोर किया जा सकता है। इस चिप को फ्लैश ड्राइव, मेमरी कार्ड और एमपी 3 म्यूजिक प्लेयर में यूज किया जाता है। इसकी खासियत फास्ट रीड-एक्सेस टाइम और शॉक रजिस्टेंट का होना है। ये काफी ड्यूरेबल होती है और हार्ड डिस्क के मुकाबले कई गुना ज्यादा झटके भी झेल सकती हैं।
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ऐसे बनिए फेसबुक के उस्ताद

at 01:29

मेलबर्न: फेसबुक पर स्टेटस अपडेट करते हैं, मगर कोई लाइक ही नहीं करता और कॉमेंट करना तो दूर की बात! अगर आपकी प्रॉब्लम भी यही है तो आपके लिए फेसबुक का उस्ताद बनने का आइडिया है हमारे पास। एक स्टडी कहती है कि अगर आप फ्राइडे यानी शुक्रवार को अपनी एक फोटो फेसबुक पर पोस्ट कर दें तो फिर देखिए कि उस दिन आपके उस फोटो पर कैसे धड़ाधड़ कॉमेंट्स की बरसात होती है। एक वेबसाइट में छपी रिपोर्ट के मुताबिक यह स्टडी सोशल मीडिया मैनेजमेंट कंपनी वर्चू ने कराई है। इसमें कहा गया है कि फेसबुक पोस्ट पर आपको कितनी अटेंशन मिलती है, यह इस बात पर निर्भर करता है कि आपने क्या पोस्ट किया है और कब पोस्ट किया है। रिपोर्ट के मुताबिक, सिंपल टेक्स्ट से बेहतर है कि कोई फोटो या विडियो अपलोड करें। हजार शब्दों में भी वह बात नहीं होती, जो एक पिक्चर बयान कर सकती है। विडियो अपलोड करने से कॉमेंट्स आने की 22 पर्सेंट उम्मीद बढ़ जाती है और फोटो डालने से 54 पर्सेंट। शुक्रवार के दिन लोग फेसबुक पर सबसे ज्यादा ऐक्टिव रहते हैं, वीकेंड के मुकाबले। अगर दोपहर से पहले फोटो अपलोड करें तो कॉमेंट्स आने की 65 पर्सेंट संभावना बढ़ जाती है।
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बंद नहीं, लॉग-ऑफ करें वेबसाइट

at 01:27

कोई वेबसाइट क्रॉस से बंद करने और लॉग-ऑफ करने में क्या फर्क है? वेबसाइट को हमेशा लॉग-ऑफ करना चाहिए क्योंकि ऐसा करने से आपका अकाउंट सेशन सही तरीके से टर्मिनेट होता है। वेबसाइट को लॉग-ऑफ नहीं करने से आपका अकाउंट सेशन वेबसाइट पर एक्टिव रहता है, जिससे उसे कोई भी हैक कर सकता है। लेकिन कुछ वेबसाइट्स इस तरीके से डिजाइन की जाती है कि अगर आप उसे कुछ देर तक यूज नहीं करते तो वह थोड़ी देर बाद अपने आप ही ऑटोमेटिकली लॉग-ऑफ हो जाती है। उदाहरण के तौर पर आप बैंकिंग की कुछ वेबसाइट्स देख सकते हैं। अगर आप वेबसाइट को बिना लॉग-ऑफ किए विंडो को बंद कर देते हैं तो वेबसाइट दोबारा लॉग-इन होने में कुछ टाइम ले सकती है, इसलिए वेबसाइट को क्रॉस से बंद करने की जगह हमेशा लॉग-ऑफ करना चाहिए। मुझे 40,000 रुपये तक में एंट्री लेवल का कोई गेमिंग पीसी बताइए। आपके सभी मल्टिमीडिया ऐप्लिकेशन और गेमिग के लिए यह जरूरी है कि आपको आपके पैसे की सही कीमत मिले। आप अपने बजट में एंट्री लेवल गेमिंग पीसी असेम्बल करा सकते हैं। एएमडी एथलॉन II X3 435 (2.9 GHz) - 3700 रुपये सभी एंट्री लेवल गेमिंग पीसी के लिए यह सीपीयू काफी अच्छा है क्योंकि इतने प्राइज में इनटेल में कोई सीपीयू उपलब्ध नहीं है। -MSI 785G-E51 या इसके बराबर - 4,200 रुपये -7.1 ऑडियो के साथ यह बोर्ड DDR3 RAM को स्पोर्ट करता है। इन सब खूबियों के कारण ही इसको सलेक्ट किया गया है। -1333 Mhz DDR3 2GB(दो पीस) - 5400 रुपये यह गेमिंग के लिए उपलब्ध सबसे बेहतर क्रन्रू है, साथ ही यह पीसी में गेमिंग के लिए जरूरी है। - सीगेट बाराकुडा हार्डडिस्क 1 TB 7200.12- 3,300 रुपये आप इसमें वेस्टर्न डिजिटल हार्ड डिस्क भी ले सकते हैं। - जीफोर्स GTS 250, 512MB DDR3 के साथ - 5900 रुपये - MSI कार्ड या इसी के जैसा कोई कार्ड लें। यह किसी भी गेमिंग पीसी के लिए जरूरी है। - मॉनिटर एलजी या डेल - 6,500 रुपये - साता डीवीडी राइटर - 1,000 रुपये - कैबिनेट कूलमास्टर एलीट ब्रैंडेड एसएमपीएस के साथ - 3700 रुपये - माइक्रोसॉफ्ट या लॉगीटेक के यूएसबी की-बोर्ड और माउस - 750 रुपये - लॉजिटेक या क्रिएटिव 2.1 स्पीकर्स 35650 - 1,500 रुपये
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कम्प्यूटर देरी से स्टार्ट होता है

at 01:26

अगर आपका कम्प्यूटर नॉर्मल स्टार्ट नहीं होता तो इसका मतलब है कि आपके पीसी के किसी सॉफ्टवेयर कॉम्पोनेंट या ड्राइवर में कुछ प्रॉब्लम है। इसके लिए आप अपने कम्प्यूटर को क्लीन बूट कर सकते हैं। इसके लिए इन स्टेप्स को फॉलो करें स्टेप 1 : 1. पहले Start, फिर Run पर क्लिक करें। इसके बाद Msconfig टाइप करें और Ok पर क्लिक करें। 2. System Configuration Utility लिखा आएगा। General टैब पर क्लिक करें। इसके बाद Load System Services लिखा आएगा। इस पर टिक लगाएं और ह्रद्म पर क्लिक करें। जब लिखा आए, तब कम्प्यूटर को री-स्टार्ट कर दें। स्टेप 2 : 1. पहले Start, फिर Run पर क्लिक करें। इसके बाद Msconfig टाइप करें और Ok पर क्लिक करें। System Configuration Utility डायलॉग बॉक्स में जाकर General टैब पर क्लिक करें। इसके बाद Selective Start-up पर क्लिक करें। 2.फिर Process SYSTEM.INI file पर टिक हटाएं। 3. इसके बाद Process WIN.INI file पर टिक हटाएं। 4. Load Startup Items पर टिक हटाएं। वेरिफाई कर लें कि Load System Services और Use Original BOOT.INI पर टिक लगा हो। 5. Services टैब पर क्लिक करें। 6. Hide All Microsoft Services को सिलेक्ट करें। इससे कंप्यूटर को चलाने वाली सभी जरूरी सविर्स छिप जाएंगी। सिर्फ वे दिखेंगी, जिनसे शायद आपका कम्प्यूटर स्लो चल रहा है। अगर आप Disabled All ऑप्शन को सिलेक्ट कर लेते हैं तो ये सभी सर्विस Disabled हो जाएंगी। अगर आप इनमें से किसी सर्विस की पहचान रखते हैं, जैसे एंटी वायरस स्कैनर, इस सर्विस को Disabled न करें।
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कैसे मिले इंटरनेट की बेहतर स्पीड

at 01:24

इंटरनेट की स्पीड कई चीजों पर निर्भर करती है। मसलन आपके कंप्यूटर की स्पीड, मॉडम/राउटर और कंप्यूटर के बीच कनेक्शन की स्पीड और मॉडम/राउटर से आईएसपी तक की स्पीड। आपको यह बात समझ लेनी चाहिए कि इन तीनों में से जो स्पीड सबसे कम होगी, आपको अपने इंटरनेट पर वही स्पीड मिलेगी। चूंकि आप मॉडम के तौर पर मोबाइल का इस्तेमाल कर रहे हैं, इसलिए ऐसा मान सकते हैं कि आप जीपीआरएस का यूज कर रहे होंगे। हम यह भी मानकर चल रहे हैं कि आपके पास एक अच्छा कंप्यूटर है, जिसमें भरपूर रैम है। इसके अलावा आपके पास एक अच्छा प्रॉसेसर है, जिसकी हार्ड डिस्क में 5 से 7 जीबी का फ्री स्पेस है। अगर आप यूएसबी केबल के जरिए कंप्यूटर को मोबाइल से कनेक्ट करते हैं, तो कंप्यूटर और मोबाइल के बीच डेटा 300 से 400 मेगा बिट्स प्रति सेकंड की दर से ट्रांसफर होगा। ब्लूटुथ कनेक्शन की स्पीड करीब 3 मेगाबिट्स प्रति सेकंड है, जबकि जीपीआरएस कनेक्शन 50 किलोबाइट की दर से डेटा ट्रांसफर कर सकता है, जो ब्लूटुथ कनेक्शन के मुकाबले काफी कम है। यहां यह भी साफ है कि यूएसबी केबल ब्लूटुथ के मुकाबले 100 गुना तेज स्पीड दे सकता है। चूंकि कम स्पीड जीपीआरएस की वजह से है इसलिए इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि आप केबल कनेक्शन का यूज कर रहे हैं या ब्लूटुथ कनेक्शन का, इंटरनेट आपको तब तक वही स्पीड देता रहेगा, जब तक आप 3जी कनेक्शन या किसी ऐसे मोबाइल कनेक्शन का यूज नहीं करते, जो अच्छी स्पीड देता हो।
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ऐसे बढ़ाएं कंप्यूटर की स्पीड

at 01:23

जब आप कंप्यूटर को इंटरनेट के लिए यूज करते हैं तो वो काफी स्लो हो जाता है क्योंकि उसमें बहुत सी टेम्परेरी फाइल्स बन जाती है जिसके कारण डिस्क फ्रेगमेंटेशन यानी फाइल्स के छोटे-छोटे टुकड़े हार्ड डिस्क पर फैल जाते हैं। इसके अलावा जब आप बहुत से बीटा सॉफ्टवेयर इंस्टॉल करते हैं तो ये रजिस्ट्री जो विंडोज का अपना डाटाबेस होते हैं उसमें कई एंट्रीज बना देता है। अनइंस्टॉल करने पर ये रजिस्ट्री से एंट्रीज डिलीट नहीं होती हैं जिससे रजिस्ट्री का साइज बढ़ जाता है उसके कारण जब भी सेंटिग आदि के लिए विंडोज डाटाबेस को पढ़ती है तो टाइम ज्यादा लगता है जिस कारण सॉफ्टवेयर और विंडोज लोड होने में भी ज्यादा टाइम लगता है। अपने कंप्यूटर को सही रखने के लिए अपने एंटी वायरस, एंटीस्पाईवेयर आदि को रेग्युलर अपडेट करते रहें। इसके अलावा अपने विंडोज को 'विंडोज अपडेट प्रोगाम' से रेग्युलर सेक्योरिटी अपडेट्स करते रहें। इसके लिए अपने कंप्यूटर में 'Start ' ' Settings ' ' Control Panel ' में जाकर ' Automatic Updates ' पर डबल क्लिक करके 'Automatic ' या फिर ' Download Updates For Me ' ऑप्शन को सिलेक्ट करें। ये अपडेट्स जेनुअन विंडोज में ही चल पाएंगे। इसके अलावा अपने ब्राउजर में टेम्परेरी इंटरनेट फाइल्स, कुकीज आदि को क्लीन करते रहें। इसके लिए ' Browser ' में जाएं फिर ' Menu Bar ' में ' Tools Option ' में जाकर ' Internet Options ' को सिलेक्ट करके Delete Temporary Files, History और Cookies को डिलीट कर दें। अगर आपके कंप्यूटर में वायरस है तो Avast, Avira, Quick Virus Remover को यूज कर सकते हैं। इसके अलावा आप इन स्टेप्स को रूटीन में फॉलो करें। 1. Start-Run-Cleanmgr को चलाकर डिस्क क्लीन-अप कर लें। 2. Cleanmgr चलाने के बाद Start-Run में dfrg.msc को चला लें और सी ड्राइव को सिलेक्ट करके डीफ्रेग्मेंट चला लें। पहले स्टेप से गैर टेम्परेरी और दूसरी गैर-जरूरी फाइल्स क्लीन हो जाएंगी और दूसरे स्टेप से डी-फ्रेग्मेंट करने से पूरी डिस्क पर फैले फाइल्स के छोटे-छोटे पार्ट्स एक जगह जमा हो जाएंगे जिससे डिस्क पर फाइल लिखने और पढ़ने की स्पीड बढ़ जाएगी।
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कैसे पता करें कंप्यूटर का यूएसबी वर्जन कैसे पता करें कंप्यूटर का यूएसबी वर्जन

at 01:21

अपने कंप्यूटर का यूएसबी वर्जन पता करने के लिए My Computer पर जाकर राइट क्लिक करें और Propertiesपर जाएं। इसमें अगर सिस्टम प्रॉपर्टीज वाला आइकन नहीं आ रहा है तो अपने की-बोर्ड में Windows बटन के साथPause/Break की-पैड दबाएं। सिस्टम प्रॉपर्टीज के पेज पर जाकर Hardware पर जाएं, फिर Device Manager पर क्लिक करें। इसमें Universal Serial Bus Controllers के नाम से एक आइकन दिखेगा जिस पर क्लिक करने पर यूएसबी की प्रॉपर्टी लिखी हुई आएगी। इसमें अगर Enhanced Host Controllers लिखा है या यूएसबी 2.0 लिखा है तो यह 2.0 होगा वरना 1.1 वर्जन होगा।
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गूगल टॉक (talk.google.com)

at 01:20
अगर आपके कंप्यूटर में माइक्रोफोन, वेब कैमरा, स्पीकर और इंटरनेट हैं तो आप गूगल की इस सेवा के जरिए भी अपने दोस्तों आदि से बात कर सकते हैं। इसे यूज करने के दो तरीके हैं। गूगल ने वायस और वीडियो चैट के लिए एक छोटा-सा 'प्लग इन' (इंटरनेट ब्राउजर में नया फीचर जोड़ने वाला सॉफ्टवेयर) फ्री उपलब्ध कराया है, जिसे गूगल टॉक (gtalk) की वेबसाइट से डाउनलोड कर इंस्टॉल किया जा सकता है। इसके बाद आप जी-मेल, आई-गूगल और ऑरकुट आदि में साइन-इन करके वीडियो चैट का मजा ले सकते हैं। 
दूसरा तरीका है, 'गूगल टॉक' नामक इंस्टैंट मैसेंजर सॉफ्टवेयर को यूज करने का, जो कुछ-कुछ 'स्काइप' जैसा ही दिखता है। अपने गूगल अकाउंट से इस पर साइन-इन करके आप गूगल टॉक पर अपने दोस्तों से ऑडियो चैट भी कर सकते हैं। आप चाहें तो इसे फाइल ट्रांसफर, टेक्स्ट चैट और ऑडियो कॉन्फ्रेंसिंग के लिए भी यूज कर सकते हैं। जहां प्लगइन के जरिए आप एक-दूसरे के वीडियो भी देख सकते हैं, वहीं गूगल टॉक ऑडियो तक ही सीमित हैं। इसमें वीडियो के लिए आपको प्लग-इन को यूज करना पड़ेगा लेकिन आप मोबाइल और लैंडलाइन पर कॉल नहीं कर सकते। 

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डाउनलोड्स की समस्या का हल

at 01:13
इंटरनेट से बड़ी फाइल्स को डाउनलोड करना तब मुश्किल हो जाता है, जब इंटरनेट कनेक्शन की स्पीड कम हो या वह बार-बार टूटता हो। जब आप कोई फाइल डाउनलोड करते हैं तो अक्सर वह लगभग 98 फीसदी डाउनलोड हुई ही होती है कि इंटरनेट कनेक्शन टूट जाता है। आजकल डाउनलोड मैनेजमेंट के काम आने वाले कई अच्छे और फ्री सॉफ्टवेयर उपलब्ध हैं, जो न सिर्फ टूटे हुए डाउनलोड्स की समस्या को हल करते हैं, बल्कि डाउनलोडिंग की स्पीड भी बढ़ा देते हैं। ऐसे ही कुछ सॉफ्टवेयर्स के बारे में जानकारी : इंटरनेट यूजर किसी भी फाइल को डाउनलोड करने के लिए वेब ब्राउजर का इस्तेमाल करते हैं। लेकिन वेब ब्राउजर्स का असली काम वेब सर्फ करना है, डाउनलोड के काम में वे उतने उपयोगी नहीं होते। इस काम के लिए कुछ फ्री प्रफेशनल डाउनलोड मैनेजर आते हैं जो डाउनलोड्स को शेडयूल करने, एक साथ बहुत सारे डाउनलोड्स करने, आपको डिस्टर्ब किए बिना बैकग्राउंड में डाउनलोड का काम पूरा करने जैसी सुविधाएं देते हैं। इन्हें आजमाकर देखें और डाउनलोड्स के टूटने की समस्या से पूरी तरह बेफ्रिक हो जाएं। आपका कंप्यूटर बंद होता हो, इंटरनेट कनेक्शन टूटता हो या बार-बार बिजली जाती हो, तो भी आपका काम आसानी से हो जाएगा। Flashget.com- यह डाउनलोड की जाने वाली फाइल्स को कई टुकड़ों में बांटकर एक साथ कई डाउनलोड प्रोसेस शुरू कर देता है। यह टेक्निक आपको अपने इंटरनेट कनेक्शन की अधिकतम स्पीड का इस्तेमाल करने में मदद करती है। Freedownloadmanager.org- डाउनलोड स्पीड 600 फीसदी तक बढ़ाने और किसी वेबसाइट के वेब पेजेज और फोल्डर्स की जानकारी देने में सक्षम। एक फाइल अपलोड मैनेजर भी साथ। पूरे के पूरे वेब पेजेज को डाउनलोड करने की भी सुविधा। Orbitdownloader.com- इंटरनेट बैंडविड्थ की सीमा तय करने और कंप्यूटर में इंस्टॉल सॉफ्टवेयर्स के नए वर्जन की जानकारी देने में सक्षम। Tonec.com- डाउनलोडिंग की गति पांच गुना तक बढ़ाने में सक्षम। डाउनलोडिंग खत्म होने पर कंप्यूटर अपने आप बंद होने की सुविधा। पूरी-की-पूरी वेबसाइट, उसका कुछ हिस्सा या कोई खास वेब पेज डाउनलोड करना संभव। वेबसाइट से किसी खास तरह की फाइल्स जैसे म्यूजिक, विडियो, पिक्चर्स आदि डाउनलोड करने की सुविधा। Cryptload.info- डाउनलोड की गई जिप फाइल्स को अनजिप करने की सुविधा। डाउनलोडिंग पूरी होने पर कंप्यूटर को अपने आप बंद करने में सक्षम। इन सभी सॉफ्टवेयर्स में डाउनलोड शेडयूलिंग, पॉज, री-स्टार्ट, फाइल स्पिलिटिंग, टूटे डाउनलोड्स दोबारा शुरू करना, एक साथ कई डाउनलोड्स, डाउनलोड स्पीड बढ़ाना, एचटीटीपी, एफटीपी और बिट टोरेंट सपोर्ट, ऑटोमैटिक एंटी-वायरस स्कैन, फ्लैश विडियो डाउनलोडिंग की सुविधा है। यह सभी फ्री हैं।
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हम दो, हमारे दो,

at 01:09

टीचर: तुम बड़े होकर क्या करोंगे?


स्टूडेंट: शादी.!!!


टीचर: नहीं, मेरा मतलब है क्या बनोंगे? 



स्टूडेंट: दूल्हा..


टीचर: ओह, मेरा मतलब है बड़े होकर क्या हासिल करोंगे?


स्टूडेंट: दुल्हन..

टीचर: इडियट मेरा मतलब बड़े हो कर मम्मी-पापा के लिए क्या करोंगे?


स्टूडेंट: बहू लाऊंगा..

टीचर: गधे, तुम्हारे पापा तुमसे क्या चाहते है?


स्टूडेंट: पोता 

टीचर: है भगवान, तुम्हारी जिंदगी का क्या मकसद है?


स्टूडेंट: हम दो, हमारे दो, जब तक तीसरा ना हो....!!!!!
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गब्बर सिंह का चरित्र चित्रण,

at 01:07

मशहूर फिल्म शोले का गब्बर तो याद ही होगा, उसके जीने का ढंग बड़ा सरल था. 
 
वह नृत्य-संगीत का बहुत शौकीन था: 'महबूबा ओये महबूबा' गीत के समय उसके कोमल ह्रदय का परिचय मिलता है। अन्य डाकुओं की तरह उसका ह्रदय कठोर नहीं था। 
 
वह जीवन में नृत्य-संगीत एवं कला के महत्व को समझता था। 
 
बसंती को पकड़ने के बाद उसके मन का नृत्यप्रेमी फिर से जाग उठा था। उसने बसंती के अंदर छुपी नर्तकी को एक पल में पहचान लिया था। 
 
गौरतलब है कि कला के प्रति अपने प्रेम को अभिव्यक्त करने का वह कोई अवसर नहीं छोड़ता था..!!! 

मशहूर फिल्म शोले का गब्बर तो याद ही होगा, उसके जीने का ढंग बड़ा सरल था. 


पुराने और मैले कपड़े, बढ़ी हुई दाढ़ी, महीनों से जंग खाते दांत और पहाड़ों पर खानाबदोश जीवन, जैसे मध्यकालीन भारत का फकीरे हो, 


जीवन में अपने लक्ष्य की और इतना समर्पित कि ऐशो-आराम और बिलासिता के लिए एक पल की भी फुर्सत नहीं.



विचारों में उत्कुष्टता के क्या कहने! जो डर गया, सो मर गया - जैसे संवादों से उसने जीवन की क्षणभंगुरता पर प्रकाश डाला था..!!! 


देखा कितना सरीफ है हमारा गब्बर..। 



दयालु इतना की आप भी शरमा जाए.. ठाहुर ने उसे अपने हाथों से पकड़ा था, इसलिए गब्बर ने ठाकुर के सिर्फ हाथों को सजा दी. अगर वो चाहता तो गर्दन भी काट सकता था. पर उसके ममता पूर्ण ह्रदय ने उसे ऐसा करने से रोक दिया..!!!


देखा कितना सरीफ है हमारा गब्बर..।


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fast bird

at 00:59

एक बार टीचर ने क्लास में सवाल किया, ‘कौन-सा पक्षी सबसे तेज उड़ता है…?’



गोलू ने जवाब दिया: हाथी, सर….’



टीचर ने गोलू को घूरकर देखा और चिल्लाए: नालायक, मूर्ख! तुम्हारे पिता क्या काम करते हैं?



गोलू ने भोलेपन से कहा: सर, वह दाऊद की गैंग में शार्प शूटर हैं.



तपाक से टीचर ने कहा, ‘शाबास बेटे, हाथी बिल्कुल सही जवाब है’.
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सारे जहाँ से अच्छा हिन्दोस्तान हमारा

at 00:56

 15 अगस्त यौमे आजादी पर राष्ट्रीय गीत से बढ़कर और क्या हो सकता है.
लिहाजा आज डॉक्टर इकबाल का लिखा हुआ राष्ट्रीय गीत ही गुनगुना लिया जाये.और अपने वतन भारत से अपनी मोहब्बत का इजहार कर लिया जाये.

सारे जहाँ से अच्छा हिन्दोस्तान हमारा
हम बुलबुलें है इस की, यह गुलसितां हमारा

ग़ुरबत में हों अगर हम, रहता है दिल वतन में
समझो वहीं हमें भी, दिल हैं जहाँ हमारा

परबत वोह सब से ऊँचा, हमसाया आसमान का
वोह संतरी हमारा, वोह पासबाँ  हमारा

गोदी में खेलती हैं इस की हजारों नदिया
गुलशन है जिन के दम से, रश्क-ऐ-जनां हमारा

ऐ आबरुदे गंगा, वोह दिन है याद तुझको
उतरा तेरे किनारे, जब कारवां हमारा

मज़हब नहीं सिखाता आपस में बैर रखना
हिंदी हैं हम वतन है, हिन्दोस्तान हमारा

यूनान-ओ-मिस्र-ओ-रोमा, सब मिट गए जहाँ से
बाकी रहा है अब तक,नामो निशाँ  हमारा.

कुछ बात है की हस्ती, मिटती नहीं हमारी
सदियों रहा है दुश्मन, दौर-ऐ-जमाँ  हमारा

इकबाल कोई महरम, अपना नहीं जहाँ में
मालूम क्या किसी को, दर्द-ऐ-निहां हमारा

अल्लामा डॉक्टर इकबाल (मरहूम)
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Saturday, 26 January 2013